दीपक शर्मा,indireporter.com
तीन दिवसीय नगर परिक्रमा 8 जून से, मैराथन बैठक में गोल्डन जुबली पर अधिक से अधिक लोगों को पदयात्रा करने का किया आह्वान
पाली। अधिकमास धर्मार्थ सेवा संस्थान के बैनर तले 8 से 10 जून तक निकलने वाली पाली नगर परिक्रमा की तैयारी को लेकर लगभग 400 से अधिक कार्यकर्ताओं की मैराथन बैठक मानपुरा भाकरी स्थित जबरेष्वर महादेव मंदिर प्रांगण में हुई। जिसमें नगर परिक्रमा की पूरी रूपरेखा तय करते हुए समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई। सचिव कैलाष टवानी व प्रवक्ता राकेष लिम्बा ने बताया कि संरक्षक पंडित षंभुलाल षर्मा के सानिध्य और अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह, सचिव कैलाष टवानी, कोशाध्यक्ष षांतिलाल सोनी के सानिध्य में हुई बैठक में परिक्रमा के दौरान पदयात्रियों व मेलार्थियों को मिलने वाले व्यंजनों की रेट भी निर्धारित की गई। सचिव कैलाष टवाणी ने बताया कि इस बार 10 रूपये मिठाई, 10 रूपये सब्जी पुडी, 5 रूपये कोपता, 2 रूपये चाय, 2 रूपये मे छाछ विश्राम स्थलों पर उपलब्ध रहेगी। संरक्षक पंडित षंभूलाल षर्मा, अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह व सचिव कैलाष टवानी ने स्पश्ट कहा कि पाली में सनातन धर्म के सबसे बड़े इस आयोजन में इस बार अनुषासनहीनता बर्दाष्त नहीं की जाएगी और जो भी अनुषासनहीनता करेगा उसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। हजारों पदयात्री आराम से विश्राम स्थल पर भोजन प्रसादी ले इसको लेकर अलग से व्यवस्था के साथ कमांडिंग अधिकारी भी लगाए जाएंगे। कूपन वितरण काउंटर पर कार्यकर्ताओें के साथ भी कमांडिंग अधिकारी रहेंगे जो अव्यवस्थाओं और अनुषासनहीनता पर पूरी नजर रखेंगे। अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह, सचिव कैलाष टवानी, कोशाध्यक्ष षांतिलाल सोनी ने बताया कि बैठक के दौरान सभी को कार्यभार सौंपे गए और इस आयोजन की सफलता में अभी से तन,मन व धन से जुट जाने का आह्वान किया। प्रवक्ता राकेष लिम्बा ने बताया कि इस बार नगर परिक्रमा गोल्डन जुबली मनाने जा रही है, इसको देखते हुए परिक्रमा में अधिक से अधिक संख्या में सनातनप्रेमी चले इसकी भी युद्ध स्तर पर तैयारी करते हुए हर समाज संस्था से जनसंपर्क किया जाएगा। कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास ने बताया कि बैठक में रामगोपाल खेतावत, भंवर चैधरी, देवीलाल सांखला, धनराज कारगवाल, जोराराम पटेल, दिलीप जोशी, अंबालाल सोलंकी, विजयराज सोनी, ष्याम अरोड़ा, हुक्मीचंद कच्छवाहा, पीयूष शर्मा, नेमीचंद देवड़ा, अरविंद गुप्ता, नवरतन गर्ग, सुल्तानसिंह, कमल केडिया, पुरूशोतम गर्ग, सुनिल लोहिया, राधे राठी, विष्वेन्द्र व्यास, प्रेम लखारा, जयनारायण अरोड़ा, कुषल देवड़ा, प्रियंका व्यास आदि मौजूद रहे।
जोधपुर की तर्ज पर शुरू हुई थी परिक्रमा
अध्यक्ष प्रदीप कच्छवाह व वरिश्ठ उपाध्यक्ष रामगोपाल खेतावत ने बताया कि पाली अधिकमास परिक्रमा का शंखनाद 1976 में हुआ था। उस समय जोधपुर की तर्ज पर एक दिवसीय पदयात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए इसकी बागडोर स्वर्गीय मुफतलाल बजाज, स्वर्गीय परसराम टवाणी, स्वर्गीय रामचन्द्र खेतावत, स्वर्गीय राधाकृष्ण पंडित, स्वर्गीय नारायणलाल दर्जी ने संभाली थी। संचालन के लिए नागरिकों का भरपूर सहयोग आयोजन समिति को मिला था। उसके बाद सभी की सर्वसम्मति से यह यात्रा 1979 से तीन दिवसीय कर दी गई। सीमित साधनों के साथ प्रारंभ हुई यह परिक्रमा आज वटवृक्ष बन चुकी है। परिक्रमा की भव्यता इतनी होती है कि उसके संचालन के लिए अब सैकड़ों श्रद्धालु जुटे हुए है।
शुभारंभ: 8 जून सुबह 8.30 बजे सोमनाथ मंदिर से
पहला रात्रि विश्राम – मानपुरा भाकरी
9 जून: सुबह 5 बजे मानपुरा भाकरी से रवाना
दूसरा रात्रि विश्राम – कृषि मंडी, हाउसिंग बोर्ड
10 जून: सुबह 5 बजे कृषि मंडी से रवाना
दोपहर विश्राम रू लाखोटिया रंगमंच और उद्यान
समापन: 10 जून शाम को सोमनाथ मंदिर में
18 वीं पदयात्रा, इस बार गोल्डन जुबली
1976 में शुरू हुई यह पदयात्रा इस बार 18वीं होगी। इससे पहले 1976,1979, 1982, 1985, 1988, 1988, 1991, 1994, 1997, 2001, 2004, 2007, 2010, 2012, 2015, 2018, 2020 और 2023 में यात्राएं हो चुकी हैं।
शहर के हर मन्दिर के दर्शन, शेष धनराशि मंदिर विकास पर
कार्यालय सचिव हीरालाल व्यास ने बताया कि 3 दिनों में 45 किमी की नगर परिक्रमा होती है। दिन में परिक्रमा रात को भजन-कीर्तन, परिक्रमा मार्ग का कोई मंदिर नहीं छूटता, आसपास के गांवों से भी उमड़ते हैं श्रद्धालु, इस बार 50 हजार से अधिक लोगों के शामिल होंगे। पाली अधिकमास धर्मार्थ सेवा संस्थान धार्मिक आयोजनों में भी पूरी भागीदारी निभाता है। मानपुरा भाकरी के विकास का कार्य संघ के हाथों में है। परिक्रमा के लिए एकत्रित चंदा राशि शेष बचती है तो उसका उपयोग मानपुरा भाकरी स्थित जबरेश्वर महादेव मंदिर के विकास पर उपयोग किया जाता है।
