राजकुमार पारीक, indireporter.com
अजमेर जेल में पूर्व डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद आत्मसम्पर्ण कर चुके उनके भाई डकैत पप्पू गुर्जर, लाल सिंह गुर्जर, पान सिंह गुर्जर, को सुरक्षा की दृष्टि से अन्य जेल में स्थानांतरित किया, पुर्व डकैत एवं उनके परिवारो की सुरक्षा भी सरकार ने बढाई।
अजमेर जेल में हत्या के बाद धौलपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ जगन गुर्जर का हुआ अंतिम संस्कार
धौलपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या का शिकार हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान घाट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र आसाराम ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जगन गुर्जर के तीनों भाई—पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू सिंह—को पुलिस सुरक्षा में जेल से अंतिम दर्शन के लिए धौलपुर लाया गया। अजमेर, एसटीएफ और धौलपुर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने उन्हें अलग-अलग वाहनों से गांव पहुंचाया। अंतिम दर्शन कराने के बाद तीनों को वापस पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उनकी सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। बुधवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे जगन गुर्जर का शव भवुतीपुरा गांव पहुंचा। पूरे गांव और श्मशान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया सहित नौ थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और पुलिस उपाधीक्षक महेंद्र कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर उनकी हत्या की। दोनों कैदी एक ही बैरक में बंद थे। घटना के बाद परिजनों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर धरना दिया था। मंगलवार को प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बनने के बाद अजमेर में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके पश्चात बुधवार को शव धौलपुर लाया गया और अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मामले की जांच जारी है।
