दीपक शर्मा ,indireporter.com
आखिर कार 90 साल केे डॉ अम्बादान को मिला हजारो रूपये का अपना मोबाईल,
निगम संविदाकर्मियो प्रदीप हंस, अजय बारेशा व राजश्री चौहान ने की मानवता ,ईमानदारी की मिसाल पेश , डॉ अम्बादान ने जताया आभार
पाली। भागते दौडते युग में भी मानवता ,ईमानदारी जीवित है इसकी मिसाल सफाई व कचरा इकट्ठा करने वाले राजश्री चौहान ने पेश की जो दूसरो के लिये भी प्रेरणादायी मिसाल है। जिसके लिये डॉ अम्बादान ने निगम संविदाकर्मियो व राजश्री चौहान का आभार व दुआये दी। डॉ अम्बादान ने बताया किस्सा ये वाक्या है पाली शहर के आदर्श नगर के रहने वाले 90 वर्षीय डॉ अम्बादान का उन्होंने बताया कि जब वे मंगलवार को दैनिक दिनचर्या में प्रातः थोडी दूर पैदल ही दूध लेने गये तो वहां दूध लेते समय ठोकर लगकर गिर गये और उन्हें कुछ ध्यान ना रहा और उनकी जेब से उनका मंहगा मोबाईल गिर गया जव वे उनके घर गये तब उन्हे पता चला कि मोबाईल नही है तो उन्हें काफी अफसोस हुआ और असहाय महसूस कियां।क्योकि मोबाईल में उनके महव्वपूर्ण डाटा था ।
निगम कर्मियो ने दिया ईमानदारी का परिचय , चौहान ने लौटाने में की मदद तभी थोडी देर बाद उधर से नगर निगम की कचरा संग्रहण करने वाली गाडी के संविदा कर्मी प्रदीप हंस व अजय बारेशा उधर से निकले । उन्होंने वहां मौजूद एक लडके से बात करके वह मोबाईल लिया और उसमे से तीन चार नम्बरो पर पहचान व पता करने के लिये काल किया परन्तु कॉल किसी ने उठाया फिर आखिर में उन्होंने मोबाईल में नयी किरण संस्बान एनजीओ की राजश्री चौहान के नम्बर पर कॉल किया तो उनके निवास व मोबाईल मालिक का पता चला। अगले दिन ही निगम के प्रदीप हंस व अजय बारेशा उनके घर कचरा सग्रहण के लिये पहुचे और उनको राजश्री की मदद से हजारों रूपये का मोबाईल वापस लौटा दिया। जिसे देखकर वे काफी भावुक हुये और खुशी से आंसू छलक पडे । उन्होंने इसके लिये उन्होंने निगम के कार्मिको को स्वेच्छा से ईनाम राशि नयी किरण संस्थान को भी धन्यवाद दिया। आखिरकार 90 वर्षीय डॉ. अम्बादान को मिला खोया हुआ मोबाइल, निगम संविदाकर्मियों प्रदीप हंस, अजय बारेशा एवं नयी किरण संस्थान की राजश्री चौहान ने पेश की ईमानदारी और मानवता की मिसालपाली। आज के दौर में, जहां खोई हुई वस्तु के वापस मिलने की उम्मीद बहुत कम रह जाती है, वहीं पाली शहर में ईमानदारी, संवेदनशीलता और मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। नगर निगम के संविदाकर्मी प्रदीप हंस एवं अजय बारेशा तथा नयी किरण संस्थान की राजश्री चौहान ने अपनी सूझबूझ और ईमानदारी से 90 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक डॉ. अम्बादान का हजारों रुपये मूल्य का मोबाइल सुरक्षित उनके घर पहुंचाकर समाज के सामने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।गिरने के दौरान खो गया था मोबाइलहुआ यूं था कि आदर्श नगर निवासी 90 वर्षीय डॉ. अम्बादान ने बताया कि मंगलवार सुबह वे अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार पैदल दूध लेने गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गिर पड़े। गिरने की वजह से उनकी जेब से उनका महंगा मोबाइल कहीं गिर गया, जिसका उन्हें घर पहुंचने पर पता चला । जब मोबाइल नहीं मिला तो वे बेहद चिंतित और निराश हो गए, क्योंकि मोबाइल में उनके कई महत्वपूर्ण संपर्क, दस्तावेज और आवश्यक जानकारीयां थी।निगम कार्मिको प्रदीप हंस व अजय बारेशा ने दिखायी ईमानदारी कुछ समय बाद उसी मार्ग से नगर निगम की कचरा संग्रहण वाहन में ड्यूटी पर जा रहे संविदाकर्मी प्रदीप हंस और अजय बारेशा वहां पहुंचे। उन्हें एक युवक से मोबाइल मिलने की जानकारी मिली। दोनों कर्मियों ने मोबाइल अपने पास सुरक्षित रखा और उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने का ठाना। उन्होंने मोबाइल में उपलब्ध कई नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
