गुडविल कुमावत, indireporter.com
ऑस्ट्रेलिया की संसद में गूंजा हनुमान चालीसा का पाठ, भारतीय राष्ट्रगान से हुआ भारत गौरव अवार्ड्स का आगाज
18 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 25 विभूतियों को मिला भारत गौरव सम्मान
भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं का भव्य संगम
मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया),। ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित पार्लियामेंट ऑफ विक्टोरिया के क्वीन्स हॉल में संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित भारत गौरव अवार्ड्स के 13वें संस्करण ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैश्विक भारतीय प्रतिभाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। समारोह की शुरुआत भारत और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रगान से हुई, जिसके पश्चात मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। ऑस्ट्रेलिया की संसद में पहली बार हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ ने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया और भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता का सशक्त संदेश दिया।
समारोह में भारत सहित 18 देशों से आए प्रतिनिधियों, राजनेताओं, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, आध्यात्मिक गुरुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 25 अंतरराष्ट्रीय विभूतियों को भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2012 से आयोजित हो रहे भारत गौरव अवार्ड्स आज भारतीय मूल के लोगों के लिए विश्व के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। इससे पूर्व यह समारोह लंदन की संसद, फ्रांस की सीनेट, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यूयॉर्क तथा दुबई जैसे वैश्विक मंचों पर आयोजित हो चुका है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेहंदीपुर बालाजी धाम के महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज, विशिष्ट अतिथि के रूप में विक्टोरिया सरकार के पर्यावरण मंत्री स्टीव डिमोपोलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री विवियन गुयेन एएम, सांसद मेंग हेंग टैक तथा प्रयागराज महाकुंभ के मुख्य सलाहकार राकेश कुमार शुक्ला उपस्थित रहे।
संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने कहा कि भारत गौरव अवार्ड्स का उद्देश्य उन विभूतियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, राष्ट्र और मानवता के लिए असाधारण योगदान दिया है। ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस आयोजन का होना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, योग, अध्यात्म, शिक्षा, विज्ञान और उद्यमिता आज विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं और भारत गौरव अवार्ड्स ऐसी ही प्रेरणादायी प्रतिभाओं को सम्मानित करने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज ने कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि मानवता, सेवा, शक्ति और सकारात्मकता का संदेश है। भगवान हनुमान सम्पूर्ण विश्व के लिए साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं तथा उनका जीवन प्रत्येक व्यक्ति को कर्तव्य और सेवा का संदेश देता है।
समारोह का एक विशेष आकर्षण विश्वविख्यात विज्ञापन विशेषज्ञ, पद्मभूषण एवं हाल ही में मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित स्वर्गीय पीयूष पांडे को प्रदान किया गया भारत गौरव अवार्ड रहा। उनके सम्मान को उपस्थित अतिथियों ने विशेष श्रद्धांजलि के रूप में देखा और उनके रचनात्मक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम संयोजक सुनील खेतपालिया ने बताया कि इस वर्ष सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में महाराष्ट्र की प्रथम महिला अमृता फडणवीस, पद्मश्री सम्मानित सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की प्रथम सांसद कौशल्या वाघेला, उद्योगपति सनवर हर्षवाल, पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, आध्यात्मिक गुरु करौली शंकरदास जी महाराज, न्यूजीलैंड के सामुदायिक नेता नरेन्द्र भाना, दिल्ली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विवेक यादव, आयुर्वेद विशेषज्ञ रीटा सगरानी, अमेरिका के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जैन, पर्यावरणविद् सहर भामला, उद्योगपति डॉ. जी. शनमुगा राजा, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. निर्मला एस. मौर्य, अमेरिकी उद्योगपति रणधीर ठाकुर, ब्रह्माकुमारीज के ग्लोबल सचिव राजयोगी बी.के. सूर्या भाईजी, योगाचार्य ढाकाराम, क्रिकेट प्रशासक संजय शर्मा, स्वामी अद्वैतानंद गिरी, डॉ. रतन विर्क, डॉ. सेतुरत्नम रवि, स्व. निर्मल कुमार जैन सेठी, राम सवानी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के प्रथम मेयर प्रदीप तिवारी तथा उद्योगपति प्रवीण शर्मा सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे।
सभी सम्मानित विभूतियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं भारत गौरव अलंकरण प्रदान किया गया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने इसे भारतीय संस्कृति, वैश्विक भारतीय समुदाय की उपलब्धियों तथा भारत-ऑस्ट्रेलिया मैत्री संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।
इस अवसर पर प्रयागराज महाकुंभ के मुख्य सलाहकार राकेश कुमार शुक्ला एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील खेतपालिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का स्वागत संस्कृति युवा संस्था के उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, सुनील जैन, ऑस्ट्रेलिया चैप्टर के चेयरमैन रवि शर्मा, अमित चांवला, सतीश शर्मा, ऋषभ शर्मा, अदित हरिया, नीलम मिश्रा, सौम्यता मिश्रा एवं ज्योति ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुनील खेतपालिया ने किया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन सौम्यता मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, आध्यात्मिक गुरुओं और विभिन्न देशों से आए गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा वैश्विक भारतीय समुदाय की उपलब्धियों का उत्सव मनाया।
