राजेश कुमावत, indireporter.com
भ्रष्टतंत्र से परेशान हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा
के शव का पांचवे दिन भी नहीं वह पोस्टमार्टम
जयपुर के भांकरोटा थाना के हेड कांस्टेबल बाबू लाल बैरवा ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की प्रताड़ना से आत्महत्या को सोमवार को पांच दिन हो गयें। शव पोस्टमार्टम के इंतजार में मोर्चरी में ही है।
पुलिस हेड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा चारों भ्रष्ट दोषियों, तीन पुलिस अधिकारियों और एक पत्रकार का नाम लिखकर अपने परिवार के पास रखा था, जोकि उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।
मृतक बाबू लाल बैरवा का शव पिछले पांच दिनों से सवाई मानसिंह हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है, हेड कांस्टेबल बाबू लाल बेरवा के परिजनों ने दोषी पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।
पुलिस हेड कांस्टेबल बाबू लाल बैरवा के परिजनों ने मोर्चरी के समाने गुरुवार से ही अनिश्चितकालीन धरना रहे है।
सवाई मानसिंह हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर चल रहे धरने में अब राजनीतिक प्रवेश कर गई। विपक्षी राजनीतिक दलों के नेताओं ने धरने को हाईजैक कर अपने हिसाब से चला रहे हैं, जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देगें, की बात अडे है।
धरनार्थियों ने मृतक बाबूलाल बैरवा के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए प्रशासन के सामने कुछ शर्ते रखी है,
1.मृतक बाबूलाल बैरवा के परिवार को दो करोड़ का मुआवजा दिया जाए
2.मृतक के बेटे एवं पत्नी को सरकारी नौकरी,
3.बाबूलाल बैरवा को प्रताड़ित करने वाले पुलिस अधिकारी एवं पत्रकार को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
प्रशासन का कहना है की जांच चल रही है, जांच में जो भी दोषी पाया जायेगा , उसे सजा मिलेगी। मृतक के परिजनों को कानून के अनुसार न्याय मिलेगा।
