By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Indi Reporter (Hindi)

|| India & Beyond: Stories Shaping Our World

Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • भारत
  • विदेश
  • अपराध
  • खेल
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • सकारात्मक खबर
  • संपादकीय
Reading: प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है, हम भी तो कुछ प्रकृति को देना सीखें, अपने हर जन्मदिन पर एक वृक्ष अवश्य लगाएं
Share
Font ResizerAa
Indi Reporter (Hindi)Indi Reporter (Hindi)
  • व्यापार
  • राजस्थान समाचार
  • अपराध समाचार
  • भारत समाचार
  • सकारात्मक खबर
  • भोजन & जीवनशैली
  • मनोरंजन
  • पर्यावरण
  • राजनीति
  • शिक्षा
Search
  • Home
  • Categories
    • अपराध समाचार
    • खेल
    • जयपुर समाचार
    • तकनीकी
    • धार्मिक समाचार
    • पर्यावरण
    • भारत समाचार
    • भोजन & जीवनशैली
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • राजनीति
    • दुनिया की राजनीति
    • भारतीय राजनीति
    • राजस्थान समाचार
    • विज्ञान
    • विश्व समाचार
    • व्यापार
    • अर्थव्यवस्था
    • भारत व्यापार
    • विश्व व्यापार
    • शेयर बाजार
    • शिक्षा
    • सकारात्मक खबर
    • संपादकीय
    • स्वास्थ्य
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
Have an existing account? Sign In
Follow US
Indi Reporter || India & Beyond: Stories Shaping Our World Sites > Indi Reporter (Hindi) > Blog > पर्यावरण > प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है, हम भी तो कुछ प्रकृति को देना सीखें, अपने हर जन्मदिन पर एक वृक्ष अवश्य लगाएं
पर्यावरणराजस्थान समाचारसकारात्मक खबर

प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है, हम भी तो कुछ प्रकृति को देना सीखें, अपने हर जन्मदिन पर एक वृक्ष अवश्य लगाएं

Rajesh Kumawat
Last updated: September 4, 2024 12:51 pm
Rajesh Kumawat Published September 4, 2024
Share
SHARE

गजानन्द शर्मा, Indireporter.com

मातृशक्ति वृक्षारोपण कर हर साल उसका जन्मदिन मनाने का संकल्प ले : निंबाराम

-अमृता देवी प्रकृति संवर्धन अभियान के तहत सघन वृक्षारोपण।

  • सैकडो मातृशक्ति ने किया प्रतापनगर मे एक दिन में 1000 वृक्षो का रोपण
  • मुख्य वक्ता संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम का जनसमुदाय से ‘सघन वृक्षारोपण’ करने का आव्हान। जयपुर, 4 सितंबर।
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि
    हम वृक्षारोपण केवल फोटो के लिए नही करे। आज रोपा हुआ वृक्ष जीवित रहे इतनी चिंता और संकल्प हमारा होना चाहिए। मातृशक्ति अपने घरो के आगे अपने नाम से न्यूनतम एक वृक्ष लगाकर उसको पालने और हर साल उसका जन्मदिन मनाने का आज संकल्प ले। निंबाराम बुधवार को अमृता देवी प्रकृति संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रताप नगर सेक्टर 7 स्थित प्रज्ञासागर उद्यान में मातृशक्ति द्वारा आयोजित सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोल रहे थे, देश हमे सबकुछ देता है हम भी देश को देना सीखे। हम केवल लेते रहे और देने की दिशा मे कोई प्रयास नही हो तो यह कितने दिन चलेगा? एक दिन प्रलय को आना ही है। वायनाड इसका प्रत्यक्ष ताजा उदाहरण है।
    उन्होने कहा कि पर्यावरण को लेकर पूरे देश दुनिया में बडी चिंता है। पिछले 20 सालों में वनो को काटकर उन्हे कम किया गया जो निश्चित ही परेशान करने वाला विषय है। वृक्षारोपण कर इस परिदृश्य को बदलना होगा जिसमे हम सब की सक्रिय भूमिका चाहिए, विशेषकर उपस्थित मातृशक्ति की अहम है। वैसे भी आज अमृता देवी पर्यावरण का प्रतीक है। पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन की दिशा मे काम करनेवाले लोगो के लिए आज अमृता देवी प्रेरणास्रोत है। ऐसे ही उपस्थित मातृशक्ति अपने अपने क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण कर इस कार्य को आगे बढ़ने का कार्य बेहतर तरीके से कर सकती है और देश मे कई स्थानो पर ऐसा कर भी रही है। यहा भी मातृशक्ति को ऐसा करने की निश्चित ही आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होने वृक्षों व पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वृक्षो की रक्षा हेतू अमृता देवी सहित 363 मातृशक्ति व पुरूषो के बलिदान को याद किया। साथ ही तुलसी-पीपल इत्थादि पौधों का वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।
    इस अवसर पर मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शेखावत रही। उन्होने भी पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मातृशक्ति की अहम भूमिका पर अपनी सक्रिय जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
    मंचीय कार्यक्रम के बाद क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम द्वारा वृक्षारोपण कर वृक्षारोपण कार्य की शुरूआत की। इसके बाद उपस्थित सैकडो महिलाओ ने एक ही दिन मे 1000 वृक्षो का रोपण कर उनके पालन-पोषण का संकल्प लिया। जैसा आप देंगे वैसा ही आपको मिलेगा
    कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि विवेकानंद आश्रम के स्वामी एस.पी. आचार्य ने अंग्रेजी शब्द ‘WATCH’ की व्याख्या करते हुए उसके पीछे छुपे संदेश को सबके सामने रखा। उन्होने कहा कि मानव को शब्द, क्रिया, विचार, चरित्र और स्वास्थ्य पर सतत वॉच रखना चाहिए। ऐसा करेगे तो हम सच्चे मानव बन सकेगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो आप चाहते हैं उसे देना शुरू करिए। आप दुख चाहते हैं तो लोगो को दुख देना शुरू करिए और आप सुख चाहते हैं तो सुख देना शुरू करिए। जैसा आप देंगे वैसा ही आपको ईश्वर देगा. स्वामीजी ने पर्यावरण से संबंधित विचार भी रखें।

You Might Also Like

शिक्षकों का रुका हुआ वेतन दिलाने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का ज्ञापन

क्षेत्रीय सरगरा समाज की प्रतिभाओं का सम्मान

“मनरेगा बचाओ संग्राम” कांग्रेस का प्रदर्शन

“वीबी जीरामजी” कानून के विरोध में “मनरेगा बचाओ मोर्च” का विरोध प्रदर्शन

विराट हिंदू सम्मेलनों की धूम, जगह-जगह उत्सव माहौल

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
Popular News
धार्मिक समाचारराजस्थान समाचार

मुख्यमंत्री ने किया रेल से सफर, आम जनता से लिया फीडबैक, पहुंचे संतों की शरण में

Rajesh Kumawat Rajesh Kumawat August 25, 2024
“वृक्ष” नारायण है, जीवन का आधार स्तंभ है, : अशोक कुमार वृक्ष कथा वाचक
भारतीय वायु सेना का फाइटर जेट मिग 29 आगरा में हुआ क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित
VHP की बैठक, आगामी 6 महीने की प्लानिंग तैयार
भारत बनेगा दुनिया का “भाग्य विधाता” महाराणा प्रताप प्रेरणा स्त्रोत है

Categories

  • राजनीति
  • व्यापार
  • भारत
  • विश्व समाचार
  • Science
  • राजस्थान
  • अपराध समाचार
  • सकारात्मक समाचार

About US

Indi Reporter aims to be your go-to destination for staying informed about the latest developments, trends, and stories that matter most.
Quick Links
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Terms of use
Quick Links
  • Support Us
  • Join Us
  • Advertisement
  • Editorial

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
© Indi Reporter. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?