राजेश कुमावत, indireporter.com
RPSC के पूर्व अध्यक्ष दीपक उप्रेती(IAS), शिव सिंह राठौर एवं संजय कुमार श्रोत्रिय के साथ कुछ RPSC सदस्यों की पेपर लीक (RAS) मामले में किये गए घोटाले की जांच CBI से की जाये :-किरोड़ी लाल
डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुँचकर उच्च स्तरीय शिखर अग्रवाल प्रिंसिपल सेकेटरी सीएम से मुलाक़ात कर RAS 2018 और 2021 के पेपर लीक के दस्तावेज़ प्रमाण के साथ सौंपे |
-मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर के बहृस्पति भवन के सभागार और विक्रमादित्य भवन में जांचने का काम शुरू किया, जहां पर उत्तर पुस्तिकाएं जांचते समय सीसीटीवी कैमरे बन्द कर दिये गये।
-एमडीएस विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति आर.पी. सिंह को अनियमितताओं को लेकर 9.9.2020 को ACB ने गिरफतार भी किया था।
-एमडीएस विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति आर.पी. सिंह ने उत्तर पुस्तिकाएं जांचने का काॅर्डिनेटर, प्रोफेसर शिवदयाल सिंह शेखावत को बनाया।जिनकी एमडीएस विश्वविद्यालय नियुक्ति भी विवादों में रही है। ये शिवसिंह राठौड के खासम खास है।
-शिवसिंह राठौड की देखरेख में मुख्य परीक्षा की काॅपियां जांचने की जिम्मेदारी आने के बाद मुख्य परीक्षा की काॅपियों को जांचने के लिए पूर्व में जिस फर्म का चयन किया गया उसको शिवसिंह राठौड द्वारा रद्ध कर चहेती फर्म को इस काम में लगाया।
शिवसिंह राठौड और शिवदयाल सिंह शेखावत दोनों ने मिलकर 2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को मात्र 18 दिन यानी 14 फरवरी से 06 मार्च 2020 के बीच जांचा गया। इस प्रकार साल भर निषक्रिय रहना और अंत में 18 दिन में परीणा तैयार करना परीक्षण की गुणवत्ता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है
परन्तु यह कार्य 6 माह पश्चात यानी 2 दिसम्बर 2021 को शिवसिंह राठौड कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका वेबसाईट का अपलोड करने का नोटिफीकेशन 17 दिसम्बर 2021 को निकाला और उत्तर पुस्तिकाएं 10 जनवरी 2022 से 30 अप्रेल 2022 तक अपलोड की गई
आरएएस 2018 के परीणाम के बाद भी उत्तर पुस्तिकाओं में कई अभ्यर्थियों द्वारा छोडे गये (Unsolved Questions) प्रश्नों के उत्तर बाद में लिखवाये गये। उदाहरण के तौर पर रोल नं. 804088 आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा के प्रथम प्रश्न पत्र में 30 अंक से अधिक प्रश्नों में N.A. (Not Attempt) लिखा हुआ था। अंकशीट पर इनके अंक शून्य दर्शाये गये, यानी अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान कुछ प्रश्नों का जवाब/उत्तर ही नहीं लिखा, जिन्हें जांचने के दौरान परीक्षक ने N.A. (Not Attempt) लिखा हुआ था। जब अभ्यर्थी अच्छे अंक/रैंक लाने में कामयाब नहीं हुआ, तो तत्कालीन चैयरमेन शिवसिंह राठौड के द्वारा आरएएस 2018 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका अपलोड कराने में जानबूझकर देरी कर परीक्षार्थी को उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करवाकर छूटे हुए प्रश्नों के उत्तर भरवाकर उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करवाया गया। इसके बाद अभ्यर्थी ने तत्कालीन चैयरमेन शिवसिंह राठौड को लिखित में इसकी शिकायत कर अपनी काॅपी में छूटे हुए उत्तरों को दोबारा जांचने की मांग की, जिसे शिवसिंह राठौड ने मानकर काॅपी को दौबारा जंचवाया गया और ऐसे कई लोगों को आरएएस बनाया गया। प्रमाण अवलोकनार्थ संलग्न है। (Annexure- 1)
इसी अभ्यर्थी रोल नम्बर 804088 की मुख्य परीक्षा की Fourth Paper की उत्तर पुस्तिका को देखने से स्पष्ट हो रहा है कि गलत उत्तरों में भी मनमानी तरीके से बढा चढाकर अंक दिये गये।ऐसे कई उत्तर पुस्तिकाओं में बढा चढाकर अंक देकर कई आरएएस बनाये है। उत्तर पुस्तिका अवलोकनार्थ संलग्न है
आरएएस 2016 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में अद्योलिखित लोगों के अंक बढाये गये –
रोल नम्बर 216947 पेपर प्रथम,210130 और 220013 पेपर चतुर्थ, में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 804088 पेपर प्रथम,800513 पेपर द्वितीय ,803064 पेपर तृतीय, 812900 और 810910 पेपर चतुर्थ में अंक बढाये गये।
रोल नम्बर 905091 और 908633 पेपर द्वितीय,917921 पेपर तृतीय में अंक बढाये गये।उक्त लोगों की उत्तर पुस्तिका को दुबारा भरवाकर बढा चढाकर नम्बर देकर आरएएस बनाया है
रोल नम्बर 809244 की First, Second, Third, Fourth की उत्तर पुस्तिका को अगर देखा जाए तो लगता है कि अभ्यर्थी 3 घंटे में इस तरह की Writing में लिख नहीं सकता, जमाकर तसल्ली से जवाब लिखा है। ऐसे लगता है जैसे उत्तर पुस्तिका देकर उसे छुट्टी दे दी हो कि खूब तसल्ली से जवाब लिखो और काॅपी जमा करा देना या इस अभ्यर्थी को पूर्व अध्यक्ष एवं शिवसिंह राठौड ने प्रश्न पत्र पूर्व में ही उपलब्ध करवा दिया था। तत्कालीन अध्यक्ष दीपक उत्प्रेती की पत्नी Step by Step School जो कि वर्तमान में ‘‘जय श्री पेडीवाल स्कूल’ है, जिसमें Vice Principal थी, रोल नम्बर 809244 अभ्यर्थी के बच्चे भी इसी स्कूल में पढते थे। अभ्यर्थी एवं दीपक उत्प्रेती की पत्नी के पारिवारिक संबंध थे, जिसका फायदा उठाकर इस अभ्यर्थी ने स्वयं के साथ अपने परिवार से जुडे अन्य अभ्यर्थियों को भी आरएएस में पास कराया।
तत्कालीन अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव द्वारा फुल कमिशन की मीटिंग में साक्षात्कार के दौरान आए हुए सभी experts को समान अंक देने का प्रस्ताव रखा जिसे शिवसिंह राठौड ने नकार दिया गया। आखिरकार आरपीएसी के सदस्यों को साक्षात्कार के दौरान अंक देने का अधिकार आ गया। 3-4 अन्य experts सवाल पूछ सकते थे, उन्हें अंक देने का अधिकार नहीं था। इस प्रकार शिवसिंह राठौड ने मनमाने ढंग से अंक देकर अपने लोगों को आरएएस बनाया।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा भूपेन्द्र यादव Chairman RPSC को दिनांक 13,14,15,16 अप्रेल 2021 तक Force Leave पर भिजवाया गया और शिवसिंह राठौड अपनी मंशा के अनुसार साक्षात्कार बोर्ड का अध्यक्ष बना और पैसे लेकर सेकडों अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में रिकाॅर्ड तोड 70 से 82 प्रतिशत तक अंक दिये गये, जिनके लिखित में अंक कम थे, जिनमें उस समय की सरकार के कई बडे-बडे नेताओं/ अफसरों के रिश्तेदार शामिल हैं।
रोल नम्बर 820815 वाले अभ्यर्थी के आरएएस 2018 के साक्षात्कार के दौरान एक व्यक्ति ने चैयरमेन भूपेन्द्र यादव को Whatsapp पर मेसेज कर बताया की साक्षात्कार में इन्हें 82 अंक दिये जा रहे है। परीणाम आने के बाद इस अभ्यर्थी के साक्षात्कार में 82 अंक ही आये है। इससे साबित होता है कि साक्षात्कार के दौरान पैसे लेकर अंको की बंदरबाट की गई।
भूपेन्द्र यादव 1 दिसम्बर 2021 को सेवानिवृत हुए और 02 दिसम्बर 2021 को तत्कालीन सरकार की मेहरबानी से शिवसिंह राठौड को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसी समय आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी स्वतः ही शिवसिंह राठौड पर आ गई।
शिवसिंह राठौड के कार्यवाहक अध्यक्ष बनने के बाद 18 दिसम्बर 2021 करे अपने Twitter Account से Tweet किया, वह Tweet आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र द्वितीय के खण्ड-स भूगोल का 13वां प्रश्न है, जोकि 10 अंक का था। यानी शिवसिंह राठौड ने आरएएस 2021 के मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्रों को पैसे लेकर अपने चहेतों को बेचा।
संजय क्षत्रिय आरपीएसी के अध्यक्ष 16 फरवरी 2022 को नियुक्त किया गया।
रीट परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डी.पी. जारोली ने रामकृपाल मीणा, प्रदीप पारासर राजीव गांधी स्टडी सर्किल के निजी शिक्षकों को जिम्मेदारी दी इस कारण रीट का पेपर लीक हुआ, उसी तर्ज पर संजय क्षत्रिय जी ने भी निजी महाविद्यालयों के शिक्षकों को आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा की काॅपी जांचने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
एम.एन.आई.टी. में लोक प्रशासन के प्रश्नों को ओ.टी.एस. से सेवानिव त आर.के. चैबीसा को काॅपी जांचने का हेड काॅर्डिनेअर बनाया गया। जिसने लोक प्रशासन के प्रश्नों को जांचने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालया के प्रोफेसर की बजाये अनुभवहीन प्राईवेट काॅलेज की शिक्षक रीटा माथुर को रूम इनचार्ज की जिम्मेदारी दी।
प्राईवेट काॅलेजों के शिक्षक रीटा माथुर, मनीषा माथुर, इन्दु शर्मा, अर्चना मिश्रा, रूपाली भदोरिया, पवन शर्मा, प्रीती अग्रवाल को मुख्य परीक्षा की काॅपी जांचने की जिम्मेदारी दी, जिन्होंने संजय क्षोत्रिय के कई चहेतों को आरएएस बनाया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरएएस 2021 की मुख्य परीक्षा की काॅपी अंकों में हेरी-फेरी करवाने की मंशा से उत्तर पुस्तिकाओं को दोनों बार (Random Checking) निजी संस्थाओं से जुडे एक ही शिक्षक से जांच करवाई गई। इससे स्पष्ट है कि भारी धांधली की गई।
गोपनीय शाखा का एक बाबू तथा संजय क्षोत्रिय एवं शिवसिंह राठौड के मध्य पैसे के लेन देन का संबंध थे। जिसके प्रमाण संलग्न है।
आरएएस 2021 में बीकानेर में पास हुए अभ्यर्थियों की संख्या अचानक बहुत बढोतरी हुई है, जोकि 2021 में इस क्षेत्र में हुए पेपर लीक एवं उत्तर पुस्तिका जांचने में हुए बडे गफले की ओर इशारा करता है, जिसका मुख्य किरदार तत्कालीन अध्यक्ष संजय कुमार क्षोत्रिय, सदस्य शिवसिंह राठौड एवं गापनीय शाखा में कार्यरत एक बाबू है।
पत्र में वर्णित तथ्यों से लगता है कि पिछली सरकार में RPSC भ्रष्टाचार में सबसे बडा अड्डा बन गई थी जिसने योग्य युवकों के भविष्य को तबाह कर दिया तथा अयोग्य लोगों को भर्ती कर डाला जो प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को बर्वाद कर डालेंगे। परम्परा है कि आरपीएससी चेयरमैन प्रश्न पत्र की गोपनीयता रखने की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं के पास रखते आये हैं, परन्तु कुछ चेयरमैनों ने षडयंत्र के तहत यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आरपीएससी सदस्यों को देने लग गये, यहीं से पेपर लीक करने का भ्रष्टाचार आरम्भ हुआ। शिवसिंह राठौड की नियुक्ति (दिनांक 30 जनवरी 2016) से लेकर सेवानिवृति (दिनांक 29 जनवरी 2022) तक के कार्यकाल की गहनता से जांच होनी चाहिये।
प्रदेश की सबसे बडी प्रतियोगी परीक्षा आरएएस/आरटीएस में कई वर्षों से धांधली होती आ रही है। आरपीएससी में ही पेपर लीक एवं उत्तर पुस्तिकाओं में अंक बढाने का काम किया जा रहा है। इसलिये आरपीएससी में इस भ्रष्टाचार को मिटाने के लिये बडे मगरमच्चों पर हाथ डालना जरूरी है। SI परीक्षा में तो SOG ने ढेर सारे लोगो को पकड़कर हवालात में डाला है वैसे तो इस प्रकरण में SOG जाँच कर रही है इसमें पूर्ववर्ती सरकार के बड़े नेता तथा सत्ता सीन बड़े अफसरों का हाथ होना साफ़ दिखाई देता है जाँच में अगर प्रतिपक्ष के लोग सामने आये तो विरोधी लोग मुख्यमंत्री जी आपपर ऊँगली उठाएंगे अतः इस प्रकरण की जाँच CBI से कराई जाये |
