राजेश कुमावत, indireporter.com
जयपुर। भारत सरकार द्वारा “वक़्फ संशोधन बिल 2024” लोकसभा में पेश करने के बाद उक्त बिल का लोकसभा के अंदर ही भारी विरोध हुआ, इस बिल को ‘ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी’ को सौंप दिया गया। इस बिल में स्पष्ट है कि मौजूदा वक़्फ बोर्ड की हैसियत को सरकार समाप्त करना चाहती है। और वक़्फ प्रॉपर्टीज को नष्ट करना चाहती है, इसी उद्देश्य से बिल में सरकार द्वारा नए प्रावधान लाए हैं, जो की असवैधानिक है।
“वक़्फ संशोधन बिल 2024” जयपुर में 10 नवंबर को विरोध किया जाएगा इस संबंध में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जमीयत उलेमा ए हिंद के हाफिज मंसूर अली ने बताया कि “वक़्फ संशोधन बिल 2024” मुसलमान को संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों में सीधा हस्तक्षेप है, जो कि संविधान में दी गई धार्मिक आजादी एवं वक़्फ संरक्षण एवं संचालन की आजादी की गारंटी के खिलाफ है। एडवोकेट मोजाहिद नकवी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि ‘वक़्फ संशोधन बिल 2024 के विरोध में हम किसी भी हद तक जाएंगे, सरकार यह समझ ले’
वक़्फ संशोधन बिल 2024 को लागू होने से भविष्य में वक़्फ संपत्तियों को नुकसान होगा इसलिए “जॉइन कमेटी तहफ़्फू़ज औका़फ़ राजस्थान” ने इस मुद्दे पर भारत सरकार का विरोध की शुरुआत 10 नवंबर को जयपुर के मोती डूंगरी रोड पर औका़फ़ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जायेगा । जिसमें देश भर से मुस्लिम विद्वान शामिल होंगे।
