दीपक शर्मा
“हिन्दू समाज की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना का ध्येय” – परमेश्वर जोशी
सोनाणा – “हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता, हमारे गौरवशाली अतीत का बोध और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण ही विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना का मूल उद्देश्य रहा है।” यह विचार विश्व हिन्दू परिषद जोधपुर प्रान्त मंत्री परमेश्वर जोशी ने विहिप के प्रान्तीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग के उद्घाटन सत्र में प्रकट किए।
उन्होंने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन दिन पर हुई थी। यह केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक दिव्य संकल्प और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरणा है, जिसकी नींव पूज्य संतों, सन्यासियों व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक प.पू. श्री गुरुजी की प्रेरणा से रखी गई।
विहिप की 60 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने हिन्दू समाज को जाति, पंथ, मतभेदों से ऊपर उठकर एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि 1969 के उडुपी सम्मेलन में सभी संतों द्वारा “हिन्दवा सहोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्” का घोष कर सामाजिक समरसता का नया युग प्रारंभ किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन, गौ रक्षा, मतांतरण रोकना, लव जिहाद से बेटियों की रक्षा, घर वापसी अभियान, वनवासी सेवा, मंदिर-संरक्षण, अमरनाथ यात्रा सुरक्षा, रामसेतु रक्षा, तथा मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने जैसे अनेक कार्यों की जानकारी दी।
जोशी ने कहा, “आज की विषम परिस्थितियों में विहिप हिन्दू समाज की आशा और आस्था का केंद्र है। हमें समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। आप सब प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अपने कार्य का विस्तार करें।”
संत श्री कैलाश पुरीजी, प्रान्त अध्यक्ष डॉ राम गोयल जी, प्रान्त मंत्री परमेश्वर जी जोशी, प्रान्त संगठन मंत्री राजेश जी पटेल, कोषाध्यक्ष पंकजजी भंडारी एवं जूनी धाम ट्रस्ट अध्यक्ष प्रकाश वन गोस्वामी, संदीप चारण, अशोक राजपुरोहित ने श्रीरामजी एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया।
वर्ग प्रमुख शैतानसिंह बिरोलिया ने वर्ग की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण वर्ग जूनी धाम सोनाणा खेतलाजी मन्दिर में आयोजित हो रहा है, जिसमें जोधपुर प्रान्त के 25 संगठनात्मक जिलों से 150 प्रतिभागी, तथा 50 शिक्षक व प्रबंधक उपस्थित
