अमित झालानी, indireporter.com
भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय, जयपुर में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 का आयोजन
“विवेकानंद को पढ़ने से निराशा उद्देश्य में, असहायता आत्मबल में और जीवन एक मिशन में परिवर्तित हो जाता है”
जयपुर।
भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय, जयपुर में विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल (IIC) के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में डॉ. अमित झालानी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को नवाचार (Innovation), कौशल (Skills) और सृजनात्मकता (Creativity) के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि “युवा और विवेकानंद एक-दूसरे के पर्याय हैं। युवा आशा, शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक है, और स्वामी विवेकानंद इन्हीं मूल्यों का जीवंत स्वरूप हैं।”
डॉ. झालानी ने रवींद्रनाथ ठाकुर के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “विवेकानंद में सब कुछ सकारात्मक है, नकारात्मक कुछ भी नहीं।” उन्होंने हंसराज रहबर का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार एक आलोचक भी स्वामी विवेकानंद को पढ़कर परिवर्तित हो गया और “योद्धा संन्यासी : स्वामी विवेकानंद” जैसी कृति लिख बैठा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद को पढ़ने से निराशा उद्देश्य में, असहायता आत्मबल में और जीवन एक मिशन में परिवर्तित हो जाता है।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कार्यक्रम की भूमिका रखी और राष्ट्रीय युवा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शीतल जैन ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों एवं प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय वाइस चांसलर प्रो. संजय गोयल ने अपने संदेश में कहा कि “स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। भारतीय कौशल विकास विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे मंच प्रदान करना है, जहाँ युवा अपने कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को विकसित कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।” उन्होंने विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और आत्मनिर्भर, सक्षम भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, फैकल्टी सदस्य एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे और सभी ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक एवं सार्थक बताया।
