दिलीप भट्ट, indireporter.com
लोक कलाओं और संस्थाओं पर मंडराते राजनैतिक बादल
जयपुर। कला संस्कृति के बिखराव को लेकर तथा लोक कलाओं की हमारे भारत देश में क्या दुर्दशा हो रही है, संस्कृति मंत्रालय से जो संस्थाओं को कलाकारों को आर्थिक सहायता मिलती थी, उससे सरकार ने बिल्कुल किनारा कर लिया है,
भारत की अनेक कला संस्थाएं एवं कलाकार धरातल पर आ गए हैं। रोजी रोटी का सवाल खड़ा हो गया हे, कलाकार और लोककला पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मालूम नहीं संस्कृति मंत्रालय के मंत्री गजेंद्र सिंह जी शेखावत को इस बात का मालूम हे कि नहीं जबकि राजस्थान से सांसद हे ओर संस्कृति के उपासक है। पूरे भारत में संस्कृति की दशा बिल्कुल बिखर गई है उस पर ध्यान आकर्षित करने हेतु सभी कलाकार और संस्थाएं अपील करती हैं इस और ध्यान देने का प्रयास करें एवं कलाकारों से कुठाराघात किया है कोई सुनवाई नहीं होती है पूरे देश में कला संस्कृति की अलख जगाने वाले सड़क पर अपनी कलाओं को दिखाने को मजबूर हैं। कौन सी हिंदूवादी पार्टी है जो कला संस्कृति को पनपने नहीं दे रही। हम सभी कलाकार, संस्थाएं अपील करती है जो राम का नाम लेते हैं कलाकार हैं जो राम को जगाते हैं वो कलाकार हैं फिर कला संस्कृति के साधकों की दुर्दशा पर मंत्री जी का ध्यान आकर्षित हो। तमाशा साधक दिलीप भट्ट।
