दीपक शर्मा,indireporter.com
पाली के बांगुर अस्पताल में एक प्रीटर्म (समय से पहले जन्मे) शिशु ने डॉक्टरों की देखरेख में नई जिंदगी पाई। जन्म के समय शिशु का वजन मात्र 1.2 किलोग्राम था और उसे सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो रही थी। स्थिति को देखते हुए शिशु को तुरंत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती किया गया।करीब 42 दिनों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और उपचार के बाद शिशु की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इस दौरान माँ के दूध (स्तनपान) और कंगारू मदर केयर (KMC) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। माँ के दूध ने शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, संक्रमण से बचाव करने और वजन बढ़ाने में मदद की, जबकि कंगारू मदर केयर (त्वचा से त्वचा संपर्क) ने शिशु के तापमान को स्थिर रखने, सांस लेने में सुधार लाने और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।अब शिशु का वजन बढ़कर 1.5 किलोग्राम से अधिक हो गया है और उसका न्यूरोलॉजिकल विकास भी संतोषजनक पाया गया है।डॉ. आर.के. बिश्नोई (विभागाध्यक्ष) के नेतृत्व में टीम ने शिशु का सफलतापूर्वक उपचार किया। स्वस्थ होने के बाद अब शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बच्चे की मां ने चिकित्सा टीम के प्रति खुशी और आभार व्यक्त किया है
