दिलीप भट्ट, indireporter.com
दुर्गापुरा गौशाला में इक्यावन कुंडीय पुरुषोत्तम महायज्ञ हुआ संपन्न: पूर्णाहुति के साथ विश्व एवं समाज कल्याण की कामना
जयपुर। दुर्गापुरा गौशाला परिसर में आज आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। *पुरुषोत्तम मास पर *श्रीकृष्ण गोस्वामी भट्ट तैलंग समाज धर्मार्थ सेवा समिति एवं ट्रस्ट, जयपुर’** के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘इक्यावन कुंडीय पुरुषोत्तम महायज्ञ’* का आज वैदिक मंत्रोच्चार, गूंजते जयकारों और महापूर्णाहुति के साथ विधि-विधान से समापन हो गया।
इस पावन अनुष्ठान के दिन यज्ञशाला की परिक्रमा करने, आहुति देने और भगवान पुरुषोत्तम का आशीर्वाद लेने के लिए जयपुर सहित आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज बंधु और श्रद्धालु उमड़ पड़े।
उपाध्याय मंडल के निर्देशन में संपन्न हुआ यज्ञ
इस विशाल यज्ञ का संचालन और धार्मिक संपादन प्रतिष्ठित उपाध्याय मंडल के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। यज्ञ को निर्विघ्न और शास्त्रोक्त विधि से पूर्ण कराने में दीक्षित उपाध्याय श्री बलराम जी गोस्वामी (नरी-मथुरा), श्री विनत जी भट्ट (जयपुर), श्री गोविंद कुमार जी गोस्वामी (नरी)*, *श्री गौरव कृष्ण जी गोस्वामी (नरी-मथुरा)*, *श्री अतुल जी भट्ट (जयपुर)* एवं श्री अरुण जी भट्ट (बरसाना) सहित पुष्टिमार्गीय आचार्यों का विशेष सानिध्य एवं आचार्यत्व रहा।
उपाध्याय मंडल द्वारा वेदमंत्रों के सस्वर पाठ के साथ जब इक्यावन यज्ञ कुंडों में महापूर्णाहुति की अंतिम आहुतियां दिलाई गईं, तो पूरा दुर्गापुरा गौशाला परिसर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मुख्य वेदी पर समिति संरक्षक श्री ओमप्रकाश गोस्वामी महाराज श्री अनिरुद्धलाल जी गोस्वामी एवं सौ० पूजा जी के प्रतिनिधि के तौर पर विराजे। इसके अलावा अन्य वेदियों पर जयपुर सहित अन्य स्थानों से समाजजन सम्मिलित हुए।
पदाधिकारियों ने जताया आभार
समिति के अध्यक्ष श्री नटवर गोस्वामी ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में गौशाला के पवित्र वातावरण में 51 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन होना पूरे समाज के लिए सौभाग्य की बात है। इससे पर्यावरण की शुद्धि के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
समिति के महासचिव श्री प्रबोध गोस्वामी ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए पूज्य उपाध्याय मंडल, पुष्टिमार्गीय आचार्यों, संरक्षक सदस्यों, पदाधिकारियों, आयोजन समिति के अन्य सदस्यों, सेवादारों और दानदाताओं और यज्ञ तथा पुरर्णाहूति में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी समाज जनों के सामूहिक सहयोग और समर्पण से ही यह विशाल अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न हो सका है।
माहयज्ञ में उल्लेखनीय आर्थिक योगदान के लिए पुष्टिमार्गीय आचार्य गोस्वामी श्री अनिरुद्धलाल जी महाराज, सूरत/कामवन, गोस्वामी श्री अभिषेकलाल जी महाराज, राजकोट, गोस्वामी श्री कुंजेशकुमार जी राजेशकुमार जी, कड़ी-अहमदबाद, गोस्वामी श्री द्वारकेशलाल जी महाराज, अमरेली, गोस्वामी श्री यदुनाथ जी महाराज, कड़ी अहमदाबाद, गोस्वामी श्री विट्ठालराय जी महाराज, गोकुल
सहित श्री राजीवलोचनजी भट्ट, जयपुर, श्री सत्येंद्र जी शर्मा, मुम्बई, उपाध्याय श्री गोविंद जी गोस्वामी, नरी, श्री गोपाल जी तैलंग, जयपुर एवं अन्य सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
गौ-सेवा, पर्यावरण शुद्धि और विश्व शांति का संकल्प
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि इस पुरुषोत्तम यज्ञ का मुख्य उद्देश्य विश्व में शांति, सनातन संस्कृति का संरक्षण और विशेष रूप से गौ-सेवा की भावना को सुदृढ़ करना था। इस दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का सामूहिक पाठ भी किया गया, जिसमें समाज जनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
महाप्रसाद का आयोजन
पूर्णाहुति के पश्चात समिति द्वारा विशाल महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के परिवारों, संरक्षक सदस्यों, अन्य गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यज्ञ की पूर्णता पर सभी समाज जनों में भारी हर्ष और उत्साह देखा गया।
इस अवसर पर समिति संरक्षक श्री राधाकृष्ण गोस्वामी, श्री ओमप्रकाश गोस्वामी, श्री अरुण गोस्वामी, पदाधिकारी श्री नटवर गोस्वामी, श्री प्रबोध गोस्वामी, श्री सतीश तैलंग, श्री गोपेश भट्ट, श्री दिलीप भट्ट, श्री योगेश रेही, श्री मनीष तैलंग, श्री केशव तैलङ्ग, श्री अन्वय तैलङ्ग, श्री नलिन भट्ट, श्रीमती सुशीला शर्मा, डॉ. स्वाति सहित समिति सदस्यों ने व्यवस्थाओं एवं कार्यक्रम का जायजा लिया।
