योगेन्द्र शर्मा, indireporter.con
बलूचिस्तान के 11 अगस्त को आजाद घोषित करने पर ‘वर्ल्ड पीस यूनाइटेड’ के एंबेसडर डॉ. परविंदर सिंह ने कहा है, कि जब सन् 1947 भारत आजाद हुआ था, तब पहले ही बलूचिस्तान भी आजाद हुआ था।
बलूचिस्तान ने भारत की आजादी तीन दिन पहले ही अपनी आजादी का ऐलान किया था। बलूचिस्तान को 1947 के बाद से ही पाकिस्तान में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। तब से लेकर आज तक बलूचिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान और पाकिस्तानी फौज दमनकारी उपाय करते चलते आ रहे हैं। खनिज के मामले में बेहद संपन्न होने के बाद भी बलूचिस्तान के साथ पाकिस्तान दोयम दर्जे का बर्ताव करता आया है। साथ ही बलूचिस्तान की बिना मंजूरी के यहां चीन की बड़ी कंपनियों को निवेश का न्यौता भी दिया गया है, जिससे बलूचिस्तान के लोग खासे नाराज हैं। आए दिन पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान में प्रदर्शन होते रहते हैं।
वर्ल्ड पीस यूनाइटेड’ के एंबेसडर डॉ. परविंदर सिंह ने मुंबई में एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा-‘1947 में जब अंग्रेज़ भारत छोड़कर गए तो पाकिस्तान और बांग्लादेश अपने मौजूदा स्वरूप में नहीं थे। लेकिन बलूचिस्तान का अस्तित्व था और उसने 11 अगस्त, 1947 को अंग्रेज़ों से अपनी आजादी की घोषणा की थी। अगर बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी और स्वतंत्रता का जश्न मनाना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी इजाजत मिलनी चाहिए और इसे विश्व शांति की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए।
