By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Indi Reporter (Hindi)

|| India & Beyond: Stories Shaping Our World

Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • भारत
  • विदेश
  • अपराध
  • खेल
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • सकारात्मक खबर
  • संपादकीय
Reading: अवैध किडनी ट्रांसप्लांट, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 8 अपराधी किये गिरफ्तार
Share
Font ResizerAa
Indi Reporter (Hindi)Indi Reporter (Hindi)
  • व्यापार
  • राजस्थान समाचार
  • अपराध समाचार
  • भारत समाचार
  • सकारात्मक खबर
  • भोजन & जीवनशैली
  • मनोरंजन
  • पर्यावरण
  • राजनीति
  • शिक्षा
Search
  • Home
  • Categories
    • अपराध समाचार
    • खेल
    • जयपुर समाचार
    • तकनीकी
    • धार्मिक समाचार
    • पर्यावरण
    • भारत समाचार
    • भोजन & जीवनशैली
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • राजनीति
    • दुनिया की राजनीति
    • भारतीय राजनीति
    • राजस्थान समाचार
    • विज्ञान
    • विश्व समाचार
    • व्यापार
    • अर्थव्यवस्था
    • भारत व्यापार
    • विश्व व्यापार
    • शेयर बाजार
    • शिक्षा
    • सकारात्मक खबर
    • संपादकीय
    • स्वास्थ्य
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
Have an existing account? Sign In
Follow US
Indi Reporter || India & Beyond: Stories Shaping Our World Sites > Indi Reporter (Hindi) > Blog > अपराध समाचार > अवैध किडनी ट्रांसप्लांट, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 8 अपराधी किये गिरफ्तार
अपराध समाचारभारत समाचारविज्ञानव्यापार

अवैध किडनी ट्रांसप्लांट, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 8 अपराधी किये गिरफ्तार

Rajesh Kumawat
Last updated: July 19, 2024 9:19 am
Rajesh Kumawat Published July 19, 2024
Share
SHARE

ज्योतिरादित्य शर्मा indireporter.com

अंतरराज्यीय अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़,

अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में दिल्ली पुलिस ने किये 8 गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आईएससी क्राइम ब्रांच चाणक्य पुरी टीम ने अंतरराज्यीय अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 34 फर्जी टिकट, 17 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 9 सिम, 1 लग्जरी कार,1 लाख 50 हजार नगद, मरीजों प्राप्तकर्ताओं और डोनर के जाली दस्तावेज और फाइलें बरामद किए है।

क्राइम ब्रांच डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि क्राइम ब्रांच की चाणक्य पुरी टीम ने एक अंतरराज्यीय अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और गुजरात में सक्रिय थे। सरगना समेत 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से।विभिन्न अधिकारियों के टिकट, मुहर, विभिन्न अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के खाली कागजात, किडनी प्रत्यारोपण के रोगियों और दाताओं की जाली कागज फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण जाली आईडी दस्तावेजों सहित बहुत सारी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

क्राइम ब्रांच टीम को रैकेट के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी जो भारतीय नागरिकों के अवैध किडनी प्रत्यारोपण में शामिल है। इसी के अंतर्गत एक महिला शिकायतकर्ता ने संदीप और विजय कुमार कश्यप उर्फ सुमित के खिलाफ शिकायत दी कि उन्होंने किडनी प्रत्यारोपण के बहाने उसके पति से 35 लाख की ठगी की है। इस संबंध में मामला दर्ज कर रमेश लांबा एसीपी आईएससी क्राइम ब्रांच की देखरेख में इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन के नेतृत्व में एसआई राकेश, अंकित और गौरव, एएसआई सुरेश, एचसी ब्रिजेश, ललित, सुरेंद्र, सुनील, तरुण, विनोद, नितेश और नवीन के साथ एक टीम बनाई गई।

टीम ने 26 जून 2024 को आरोपी सुमित उर्फ विजय कश्यप निवासी लखनऊ को नोएडा से गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से काफी मात्रा में जाली कागजात, स्टांप सील और मरीज डोनर की फाइलें बरामद की गईं। टीम ने 28 जून को संदीप आर्य और देवेंद्र दोनों निवासी उत्तराखंड को गोवा के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि संगठित तरीके से आरोपी पहले प्रतिष्ठित अस्पतालों में ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर के रूप में नौकरी लेते थे और फिर संबंधित अस्पताल द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को सीखते प्रशिक्षित होते थे। इसके बाद, वे किडनी की बीमारी से पीड़ित और दिल्ली, फरीदाबाद, मोहाली, पंचकूला, आगरा, इंदौर और गुजरात के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों की पहचान करते थे। आरोपी व्यक्ति सोशल मीडिया से दानदाताओं से संपर्क व्यवस्था करते थे और उनकी खराब आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर किडनी देने के लिए 5 से 6 लाख रुपये देने के बहाने उनका शोषण करते थे। वे मरीज दानकर्ताओं के जाली दस्तावेज तैयार कर उन्हें करीबी रिश्तेदार दिखाते थे क्योंकि यह अनिवार्य प्रावधानों में से एक है। कुछ मामलों में, उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाए और किसी भी संदेह से बचने के लिए विभिन्न राज्यों के अस्पताल में प्रत्यारोपण कराने के लिए दानकर्ता और मरीज को दूसरे राज्य का निवासी दिखाया। जाली दस्तावेजों के आधार पर, उन्होंने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा जांच कराई और विभिन्न अस्पतालों में प्रत्यारोपण प्राधिकरण समिति की जांच पास करने की व्यवस्था की। अब तक यह पता चला है कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के 11 अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण में सफलता हासिल की थी। आगे की जांच के दौरान, उनकी निशानदेही पर, 5 सहयोगियों अर्थात् पुनीत कुमार, मोहम्मद हनीफ शेख, चीका प्रशांत, तेज प्रकाश और रोहित खन्ना उर्फ नरेंद्र को विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, किडनी ट्रांसप्लांट करवाने वाले 5 मरीजों और 2 डोनर की पहचान की गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के 34 मामलों की पहचान की गई है। आगे की जांच जारी है।

आरोपियों का प्रोफाइल: संदीप आर्या निवासी नोएडा (यूपी)- वह किडनी रैकेट का सरगना है और पब्लिक हेल्थ में एमबीए है। उसने फरीदाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, इंदौर और वडोदरा के विभिन्न अस्पतालों में ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर के रूप में काम किया। वह मरीजों से संपर्क करता था और उन अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था करता था, जहां उसे ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर के रूप में तैनात किया गया था। वह प्रत्येक किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लगभग 35-40 लाख लेता था, जिसमें मरीजों द्वारा भुगतान किया गया अस्पताल का खर्च, डोनर की व्यवस्था, आवास और सर्जरी के लिए आवश्यक अन्य कानूनी दस्तावेज शामिल थे। वह प्रत्येक किडनी ट्रांसप्लांट से 7 से 8 लाख बचाता था। वह पहले दिल्ली के पीएस शालीमार बाग के क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में शामिल था।

  1. देवेन्द्र झा निवासी उत्तराखंड- वह 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और संदीप आर्य का साला है, जिसने उसे अपना खाता उपलब्ध कराया था, जिसमें शिकायतकर्ता के पति से 7 लाख प्राप्त हुए थे। उसका काम आरोपी संदीप आर्य की सहायता करना और उसके निर्देश पर भुगतान प्राप्त करना था। वह प्रत्येक मामले के लिए 50 हजार लेता था।
  2. विजय कुमार कश्यप उर्फ सुमित निवासी लखनऊ (यूपी)- वह ग्रेजुएट है। शुरुआत में वह पैसे के लिए अपनी किडनी देने के लिए आरोपी संदीप आर्य के संपर्क में आया था। इसके बाद वह अपराध में लिप्त हो गया और संदीप आर्य के साथ काम करता था और प्रत्येक केस के लिए उसे 50 हजार मिलते थे। उसका काम मरीज रिसीवर की जीवनशैली और पारिवारिक पृष्ठभूमि के अनुसार डोनर के व्यक्तित्व को संवारना और संदीप के निर्देश पर सर्जरी से पहले डोनर की सुविधा प्रदान करना था।
  3. पुनीत कुमार निवासी आगरा (यूपी)- उसने 2018 में अस्पताल प्रबंधन की डिग्री हासिल की और उसके बाद विभिन्न राज्यों के 07 प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवा की। वह संदीप के निर्देश पर मरीज और डोनर के बीच संबंध साबित करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। वर्तमान में वह यूपी के आगरा के एक अस्पताल में ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर के पद पर काम कर रहा था। संदीप उसे प्रत्येक फाइल के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये देता था।
  4. मोहम्मद हनीफ शेख निवासी मुंबई (MH)- वह पेशे से दर्जी है और घाटे के बाद वह फेसबुक पेज के जरिए संदीप आर्य के संपर्क में आया और पैसे के लिए अपनी किडनी दान कर दी। इसके बाद वह अपराध में लिप्त हो गया और संदीप आर्य के लिए काम करता था। उसका काम आरोपी संदीप आर्य को मरीज या डोनर मुहैया कराना था जिसके बदले में उसे हर केस के लिए क्रमश: 5 या 1 लाख रुपये मिलते थे।
  5. चीका प्रशांत निवासी हैदराबाद- उसने संदीप आर्य के जरिए अपनी किडनी दान की और उसके बाद वह उसके साथ जुड़ गया। संदीप ने उसे अस्पतालों में पहुंच बनाने के अवसर के रूप में देखा, इसलिए उसने उसे ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर की नौकरी दिलाने के लिए इंदौर, मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण की व्यवस्था की और आखिरकार दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में फर्जी कागजात पर नौकरी पाने में सफल रहा। उसकी मदद से संदीप को 3 किडनी ट्रांसप्लांट मिले। इसके अलावा, उन्होंने खुद को पिता और बेटी के रूप में दिखाने वाले डोनर के साथ शिकायतकर्ता के पति के लिए फाइल आगे बढ़ाई, लेकिन इस बीच शिकायतकर्ता के पति का निधन हो गया। वह प्रति केस 1 लाख रुपये लेता था।
  6. तेज प्रकाश निवासी दिल्ली- इसने संदीप के माध्यम से मोहाली के एक अस्पताल से अपनी पत्नी के लिए किडनी ट्रांसप्लांट करवाया और बाद में आरोपी संदीप आर्य को मरीज भी मुहैया कराया। वह प्रति मरीज 5 लाख रुपये लेता था।
  7. रोहित खन्ना उर्फ नरेंद्र निवासी दिल्ली- यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न किडनी ग्रुप से किडनी डोनर के संपर्क नंबर प्राप्त करता था, जिसका यह सदस्य है। जैसे ही कोई डोनर किडनी देने की इच्छा दिखाता था, यह अपना मोबाइल नंबर देता था और उनसे संपर्क करता था। इसके अलावा, यह किडनी ट्रांसप्लांट के लिए विभिन्न मरीजों के लिए आरोपी संदीप आर्य को उन्हें भेजता था। इसके पास 26 ईमेल आईडी, सोशल मीडिया पेजों के नंबर और 112 किडनी-उपचार समूहों का सदस्य भी है। यह सिंडिकेट के लिए डोनर का मुख्य आपूर्तिकर्ता है।

फिलहाल क्राइम ब्रांच लगातार ऐसे गिरोह पर कार्य कर रही थी जिसके अंतर्गत अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बरामदगी:-

  1. विभिन्न राज्यों के विभिन्न अधिकारियों के 34 स्टैम्प
  2. किडनी रोगियों और दानकर्ताओं की 06 जाली फाइलें
  3. जाली दस्तावेज तैयार करने के लिए विभिन्न प्रयोगशालाओं और अस्पतालों के खाली दस्तावेज
  4. स्टैम्प तैयार करने के लिए सामग्री
  5. किडनी प्रत्यारोपण के रिकॉर्ड और अपराध संबंधी डेटा वाले 02 लैपटॉप
  6. 17 मोबाइल फोन
  7. आरोपियों के कब्जे से 09 सिम कार्ड और 1 लाख 50 हजार रुपए नगद,बरामद
  8. मरीजों को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आरोपी संदीप आर्य की मर्सिडीज कार
    आगे की जांच जारी है।

You Might Also Like

सरकार की गलत नीतियों से रोडवेज हुई बर्बाद, कर्मचारियों को नहीं मिलती पर्याप्त सुविधाएं : एम एल यादव

राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाईज यूनियन – एटक रोडवेज कामगारों ने प्रदेश स्तरीय विशाल धरना! दिया।

खंडेलवाल वैश्य समाज के उद्गम स्थल खण्डेला गांव से ” भारत रथ यात्रा ” शुरू

श्रमिकों कि हालत खराब, PUCL ने प्रशासन को कराया अवगत

भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर कि जयंती, देश ने किया याद

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
Popular News
धार्मिक समाचारभारत समाचारभोजन & जीवनशैलीयात्राविश्व समाचारशिक्षासकारात्मक खबर

अयोध्या राम मंदिर निर्माण के योद्धा “चंपत राय” कौन है ?

Rajesh Kumawat Rajesh Kumawat November 28, 2025
महाकुंभ में दिया कुमारी अकेली नजर आई , जहां डुबकी लगाई, घुटनो तक भी पानी नहीं!
राजस्थान के इतिहास में विधायक को रिश्वत लेते ACB ने पहली बार किया गिरफ्तार
“आपकी दादी इंदिरा गांधी” कहने का विरोध, 6 विधायक निलंबित, राज्य भर में प्रदर्शन
जयपुर में अच्छी बरसात से कानोता बांध पर चली चादर, ढूंड नदी के बहाव को देखकर किसान हुए खुश

Categories

  • राजनीति
  • व्यापार
  • भारत
  • विश्व समाचार
  • Science
  • राजस्थान
  • अपराध समाचार
  • सकारात्मक समाचार

About US

Indi Reporter aims to be your go-to destination for staying informed about the latest developments, trends, and stories that matter most.
Quick Links
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Terms of use
Quick Links
  • Support Us
  • Join Us
  • Advertisement
  • Editorial

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
© Indi Reporter. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?