दीपक शर्मा, indireporter.com
पाली में निकाली संत पीपा महाराज की शोभायात्रा
झांकियों से दिखाया संत का जीवन चरित्र, रास्ते में जगह-जगह हुआ शोभायात्रा का स्वागत
पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज के आराध्य संत पीपा महाराज का 703वां जयंती महोत्सव गुरुवार को दर्जी समाज की ओर से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के खौड़ के बास स्थित चारभुजा मंदिर से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा रवाना हुई। जो शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए पानी दरवाजा स्थित सिरेघाट पहुंच सम्पन्न हुई। इससे पहले खौड के बास स्थित चारभुजा मंदिर पर ध्वजा चढ़ाई गई।
समाज अध्यक्ष विक्रमसिंह भाटी ने बताया कि सुबह गाजे-बाजे के खौड़ का बास स्थित चारभुजा मंदिर शोभायात्रा रवाना की गई। शोभायात्रा की अगुआई घुड़सवार हाथ में ध्वजा लिए हुए कर रहा था। युवा संत पीपा महाराज के जैकारे लगाते हुए चल रहे थे।महिलाएं और युवतियां पूरे रास्ते नाचते हुए चल रही थी। वही ट्रेक्टर ट्रॉली में बैठे महिलाएं संत पीपा महाराज के भजन गाते हुए चल रही थी। शोभायात्रा में शामिल संत पीपा महाराज, राधा-कृष्ण की झांकी और मिक्की माऊस का स्वांग रचे युवा आकर्षण का केंद्र रहे। रास्ते में कई जगह फूल बरसात कर तो कई पर आइस्क्रीम खिलाकर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
शहर के खौड का बास स्थित चारभुजा मंदिर से रवाना हुई शोभायात्रा गोल निम्बड़ा, सर्राफा बाजार, बादशाह का झंडा होते हुए सिरेघाट पहुंच सम्पन्न हुई। पूरे रास्ते सीओ सिटी मदनसिंह, कोतवाल रविन्द्रसिंह के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा।
समाज विकास पर की चर्चा
शहर के मंडिया रोड महावीर गृह निर्माण पार्ट बी सरस्वती स्कूल के पास स्थित दर्जी समाज के समाज के छात्रावास में सम्मान समारोह और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। यहां झांकियों में विभिन्न देवी-देवताओं का गेटअप करने वाले बच्चों को भी पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान महाप्रसादी के लाभार्थी गिरधारीलाल, भंवरलाल, जितेन्द्र भाटी, नेमीचंद गोयल, बालचंद, घनश्याम सोलंकी, प्यारेलाल चौहान, माणकलाल परमार, श्यामलाल दय्या आदि लाभार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, रमेश परिहार पहुंचे।
यह लोग जुटे रहे व्यवस्थाओं में
दर्जी समाज के सचिव इंद्रचंद राखेचा ने बताया कि इस दौरान मुकेश परमार, विकास आर्य, कपिल चौहान, दिनेश परिहार, शेरू गोयल, किशोर सोलंकी, नरेश सोलंकी, महेन्द्र परमार, रमेश रेपड़ावास, देवराज पंवार, पूनमचंद बडग़ुर्जर, प्रकाश गोयल, गोरू सोलंकी, मुकेश बडग़ुर्जर, दिनेश गोयल, प्रवीण गोयल, सुरेन्द्र गोयल, नीरज भाटी आदि व्यवस्था में जुटे रहे।
