राजेश कमावत,indireporter.com
राजस्थान। कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां करीब 1100 साल पुराने प्रसिद्ध चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज (35) की अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मायापुरी अखाड़े से ताल्लुक रखने वाले महंत देवानंद महाराज जब सो रहे थे, तभी बदमाशों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से साधु-संतों और हिंदू संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात कुछ अज्ञात बदमाश हथियारों के सथम ठ परिसर में घुस आए। उस समय महंत देवानंद महाराज एवं नंदनवन महाराज अपने-अपने कक्षों में विश्राम कर रहे थे। हमलावरों ने पहले नंदनवन महाराज को उनके कमरे में बंद कर दिया और इसके बाद महंत देवानंद महाराज पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनकी गर्दन एवं पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
अखिल भारतीय संत समिति राजस्थान के अध्यक्ष एवं हवामहल विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए महंत देवानंद महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुःखद एवं निंदनीय है। किसी संत-महात्मा पर इस प्रकार का कायरतापूर्ण हमला समाज को विचलित करने वाला है। उन्होंने कहा कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संत समाज ने इस जघन्य घटना की कड़ी निंदा करता है।
स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने दिवंगत महंत देवानंद महाराज के आध्यात्मिक एवं धार्मिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, सेवा एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा दिए गए आध्यात्मिक संस्कार एवं उपदेश समाज को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा उनके भक्तों एवं अनुयायियों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
