श्याम शर्मा Indireporter.com
सरस की प्रतिष्ठा के लिए भूपेंद्र और भजन का मिलन, कोई नया गुल खिलाएगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुद्ध हवा पानी और दूध को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव एक्शन मोड़ पर हैं।इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निर्देशन में अलवर सरस डेयरी में किसानों का बड़ा जलसा आयोजित हुआ है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा इस किसान मेले को संबोधित करने और यहां के दूध और उसके प्रमुख उत्पाद कलाकंद को नई पहचान दिलाने के लिए अलवर आए।यहां यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजनीति के सितारे और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जब से अलवर का नेतृत्व संभाला है तब से विश्व के नक्शे पर अलवर की पहचान भी बढ़ी है और धाक भी मजबूत हुई है।अलवर के विश्व प्रसिद्ध सरिस्का बाघ अभयारण्य के भी दिन फिर गए हैं।अब लगता है अलवर के मशहूर मिष्ठान मिल्क केक (कलाकंद) के दिन भी फिरने वाले हैं।अलवर में कुछ दिन कलक्टर रहे देश के विजनरी आइएएस अफसर जितेन्द्र सोनी अब राजधानी जयपुर के कलक्टर हैं उन्होंने अलवर के दुग्ध उत्पाद कलाकंद को विश्व स्तर पर लेजाकर रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए ठोस काम शुरू कर दिए थे। दुर्भाग्य से यहां के माफियाओं ने तब की सरकार और अलवर के तत्कालीन रहनुमाओं को करोड़ों की रिश्वत देकर उस ईमानदार कलक्टर को यहां से चलता कर दिया था। जिससे कलाकंद समेत अनेक अच्छे कामों को धक्का लगा था।मित्रों आपको बता दूं कि ईमानदार कलक्टर को करोड़ों देकर हटवाने वाले कुछ माफिया हालांकि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राज्य मंत्री संजय शर्मा के चिपकने का नाटक कर आज भी अलवर में अफसरों पर रौब गांठते घूम रहे हैं पर मैं जानता हूं कि जिस दिन इन गिरगिटों की हकीकत मंत्री जी को पता लगेगी वे इन्हें दूध में से मक्खी की तरह निकाल कर फेंक देंगे।चूंकि भूपेंद्र देश के बड़े नेता हैं उनके पास विजन का समंदर है माफिया के लिए उनके यहां कोई स्थान नहीं है। अच्छी बात यह है कि उनके यहां आने मात्र से निवेश की उम्मीदों को पंख लगे हैं विकास के चौतरफा रास्ते खुले हैं।मोदी सरकार के भारी भरकम इस मंत्री के इलाके में अफसरों और नेताओं को भी अब फूंक फूंक कर कदम रखना पड़ रहा है।क्यूंकि भूपेंद्र का जो कद और प्रतिष्ठा है वह छिछोरे सलाहकारों,लंपट नेताओं,और अवसरवादी माफियाओं की समझ से कोसों दूर है।केंद्रीय मंत्री यादव देश की राजनीति के गौरव हैं और शुचिता के साथ साथ सफगोई व ईमानदारी के पोषक हैं।उनकी मौजूदगी से यहां के लोकल लंपट नेताओं की टांग खिंचाई और मोटी गर्दन की ऐंठ भी अब गायब लगती है।अलवर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में भूपेंद्र यादव के कारण चारों तरफ विकास और सकारात्मक सोच से आगे बढने का माहौल बन रहा है।सहज सरल,विनम्र,और संवेदन शील स्वभाव के भूपेंद्र यादव की राजनीतिक अदा का कोई सानी नहीं है।एनसीआर में दुग्ध उत्पादक जिले अलवर को दूध और दूध से बने उत्पाद का हब बनाने की भूपेंद्र यादव भरपूर कौशिश कर रहे हैं।पिछले दिनों अलवर की सरस डेयरी अनेक विवादों में घिरी रही है।केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर डेयरी के काया कल्प का संकल्प लिया था और सार्वजनिक रूप से अलवर डेयरी में हुए कबाड़ों को लेकर नाराजगी जताते हुए जल्द ही इलाज करने का भी भरोसा दिया था।यारों यहां भ्रष्टचार और मिलावट को लेकर यादव की भृकुटी ऐसी तनी कि राजस्थान सरकार को अलवर डेयरी के अध्यक्ष को एक झटके में हटाना पड़ा।बड़े बड़े चाटुकार लोगों ने जिम्मेदारी ले रखी थी कि वे डेयरी के ढर्रे को नहीं बदलने देंगे ऐसे लोगों ने मौज भी खूब लूटी पर जिन्होंने ऐसा किया उनको यादव ने ऐसी धूल चटाई कि उन्हें लेने के देने पड़ गए।केंद्र के ताकतवर मंत्री जी की नज़र टेढ़ी होते देख अलवर डेयरी की राज्य सरकार ने तुरंत सुध ली।अब डेयरी का चार्ज अलवर की यशस्वी कलक्टर डॉक्टर आर्तिका शुक्ला के हाथों में है।अलवर कलक्टर आर्तिका डेयरी की साख को वापस कायम करने के लिए किसानों,पशुपालकों के साथ लगातार बैठकें कर रही हैं। दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों में अलवर डेयरी में नए सिरे से हो रहे काया कल्प को लेकर भारी उत्साह है।खास तौर पर महिला दुग्ध उत्पादक बेहद खुश हैं।इसी जोश के चलते भीषण गर्मी के बाबजूद दुग्ध उत्पादकों और किसानों का बड़ा रैला भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद देने और मुख्यमंत्री को सुनने अलवर में उमड़ा था।
बीजेपी के युवा नेता बन्ना राम मीणा ने किसानों को इस मेले में लाने के लिए जिले भर में अनेक संपर्क सभाएं आयोजित की। राजगढ लक्ष्मणगढ़ से बीजेपी के प्रत्याशी रहे बन्ना राम ने इस किसान मेले को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक दी थी।बन्ना राम भी अलवर डेयरी के लंबे समय तक अध्यक्ष रहें हैं।उनके प्रयासों से अलवर डेयरी की साख भी बढ़ी थी और किसानों,दुग्ध उत्पादकों की आय भी।
बन्नाराम ने अपने छह साल से भी ज्यादा के कार्यकाल में अनेक नवाचार कर अलवर डेयरी को नई पहचान दी थी।इतना ही नहीं डेयरी के बुरे दिनों में दशकों पहले अध्यक्ष रहे सहकार जगत के बड़े हस्ताक्षर बुजुर्ग नेता रामफल गुर्जर भी अब डेयरी को मिलने जा रही बड़ी पहचान को लेकर बेहद खुश हैं।अलवर में आयोजित इस किसान मेले में गांव गांव से किसान तिरंगा लेकर आएं थे। सबकी मौजूदगी के बाबजूद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ही किसान रैली के मुख्य आकर्षण रहे।
राम राम करने से पहले मित्रों आज इतना ही कि अलवर में बिल्ली के भाग्य छींका टूटने की कहावत वाकई चरितार्थ हो गई है।भूपेन्द्र यादव के आने से यहां न केवल माफियाओं की अब कमर टूटेगी बल्कि अलवर के कलाकंद की खुशबू संसार भर में महकेगी।अलवर के जवानों और किसानों की किस्मत अन्य उद्योग धंधों के अलावा दूध और उसके उत्पाद के हब बनने से ज़रूर चमकेगी।
