राजेश कुमावत, Indireporter.com
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर ने ‘आपदा को अवसर’ में बदला, उसी तर्ज पर मोदी भी आपदा को बदल रहे है।
भाजपा सरकारों में लोकमाता अहिल्या बाई के विचारों के अनुसार सुशासन
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की तर्ज पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है भाजपा सरकारें।
लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की न्यायप्रियता और उनका अद्वितीय नेतृत्व सराहनीय।
राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित हुई मातृशक्ति,
जयपुर, भारतीय जनता पार्टी की ओर से पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती समारोह भव्य रूप से मनाया । समारोह से पूर्व जवाहर सर्किल से लेकर एंटरटेनमेंट पैराडाइज तक निकली तिरंगा यात्रा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गरिमामय उपस्थिति रही।
समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राजमाता अहिल्या बाई होल्कर के विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर जीवित रखने का काम किया है। “राजमाता अहिल्या बाई होल्कर ने 18वीं शताब्दी में महिला सशक्तिकरण के लिए अपार काम किए। उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है। वह एक महान समाज सुधारक, धर्म परायण, न्याय मूर्ति, सुशासक और सांस्कृतिक मूल्यों संरक्षक थीं। उनके योगदान को हमें हमेशा याद रखना है और उनके आदर्शों पर चलना होगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बना रहे हैं। हम नारी सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और धार्मिक समृद्धि के रास्ते पर चल रहे हैं, जैसा कि राजमाता अहिल्या बाई होल्कर ने किया था। महिला सशक्तिकरण कार्यों का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि राजमाता अहिल्या बाई होल्कर के विचारों को आज भी जीवित रखा है। राजमाता होल्कर ने अपनी दूरदर्शिता से सैन्य शक्ति और कृषि विकास में महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। उनका कार्य हमें देश की प्रगति और सुरक्षा की दिशा में प्रेरित करता है। भाजपा ने हमेशा उनकी महानता को सम्मानित किया है और आज भी उनके आदर्शों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राजमाता ने आपदा को अवसर में बदला, ठीक उसी तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आपदा को अवसर में बदल रहे है और नए भारत की नई तस्वीर वैश्विक पटल पर रख रहे है। उन्होंने कहा कि राजमाता अहिल्या बाई होल्कर ने धार्मिक संरक्षण में महत्वपूर्ण कार्य किए, बल्कि उन्होंने काशी, सोमनाथ, द्वारका जैसे प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण का कार्य भी किया। उनकी सांस्कृतिक धरोहर और धर्म के प्रति आस्था को याद करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि राजमाता ने हमेशा भारत की सनातन संस्कृति की रक्षा की और इस दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए। राजमाता होल्कर का जीवन संकल्प, साहस और कुटनीति की शक्ति का प्रतीक था। उनकी निर्भीकता और न्यायप्रियता ने उन्हें उस समय के समाज में एक अद्वितीय स्थान दिलाया। उन्होंने मुगल शासन के दौर में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की और नारी सशक्तिकरण को अपने शासन का अभिन्न हिस्सा बनाया। वह संकल्प शक्ति की मूर्त्ति थीं, जिन्होंने अपने जीवन को एक धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सुधारक के रूप में परिभाषित किया।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे सिंधिया ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि लोकमाता होल्कर ने सिद्ध किया कि महिलाएं हर कार्य को सफलता से पूरा कर सकती हैं। चाहे फिर वो राशन का कार्य हो या फिर शासन का कार्य, महिलाओं ने अपनी क्षमता से हर क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। राजमाता अहिल्या बाई होल्कर न केवल एक कुशल शासिका थीं, बल्कि न्याय की देवी भी थीं। उन्होंने अपने बेटे तक को माफ नहीं किया और हमेशा अन्याय के खिलाफ खड़ी रहीं। उनका कार्य और नारी सशक्तिकरण का संदेश आज भी प्रासंगिक है।
