राजकुमार परीक,indireporter.com
जयपुर में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल (25) ने शुक्रवार को नौकरी से हटाए जाने के बाद आत्महत्या कर ली। दीपक महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में ड्यूटी करता था। हाल ही में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पतालों में संविदा पर लगे करीब 460 नर्सिंगकर्मियों को हटाया गया था, जिसके विरोध में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे।जानकारी के अनुसार, दीपक सुबह अपने साथियों के साथ धरने में शामिल हुआ था। दोपहर करीब 11.30 बजे वह अपने कमरे पर लौट गया और वहां जहर खा लिया। जब दोस्तों ने दरवाजा तोड़ा तो वह बेसुध मिला। उसे तुरंत एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।घटना के बाद कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी और शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा समेत अन्य नेता अस्पताल पहुंचे। सुनील शर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों से युवा बेरोजगार हो रहे हैं और आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों नर्सिंगकर्मियों को अचानक हटाने से मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा और प्रसूताओं की मौतें हो रही हैं।सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एसएमएस मेडिकल कॉलेज में 600 से ज्यादा नए संविदा नर्सिंग स्टाफ भेजे गए थे। इसके बाद प्राइवेट फर्म के जरिए लगे पुराने कर्मचारियों को हटाया गया, जिससे विरोध और असंतोष बढ़ गया।
नौकरी से हटाए जाने के बाद नर्सिंगकर्मी की मौत, पुलिस ने शुरू की जांचजयपुर। राजधानी जयपुर में संविदा सेवा समाप्त होने के बाद एक नर्सिंगकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि नर्सिंगकर्मी ने जहरीला पदार्थ सेवन किया था। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीपक खारवाल के रूप में हुई है, जो महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में कार्यरत था। हाल ही में सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत कई नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। इसके विरोध में कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।सहकर्मियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में चल रहे प्रदर्शन में दीपक भी शामिल था। प्रदर्शन के दौरान वह कुछ समय बाद वहां से अपने कमरे के लिए रवाना हो गया। बाद में उसके साथी जब उससे मिलने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर साथियों ने दरवाजा खोलकर देखा, जहां दीपक अचेत अवस्था में पड़ा था। इसके बाद उसे तत्काल एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। घटना की सूचना मिलने के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। इस दौरान संविदा कर्मचारियों को हटाने के फैसले को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ को एक साथ सेवा से हटाए जाने से अनेक परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में नई संविदा नियुक्तियों के बाद निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सैकड़ों नर्सिंगकर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई थीं। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
