By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Indi Reporter (Hindi)

|| India & Beyond: Stories Shaping Our World

Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • भारत
  • विदेश
  • अपराध
  • खेल
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • सकारात्मक खबर
  • संपादकीय
Reading: “गजवा ए हिंद” को दर्शाने वाली फिल्म रजाकार, हैदराबाद का निजाम चाहता था, भारत बने “तुर्किस्तान”
Share
Font ResizerAa
Indi Reporter (Hindi)Indi Reporter (Hindi)
  • व्यापार
  • राजस्थान समाचार
  • अपराध समाचार
  • भारत समाचार
  • सकारात्मक खबर
  • भोजन & जीवनशैली
  • मनोरंजन
  • पर्यावरण
  • राजनीति
  • शिक्षा
Search
  • Home
  • Categories
    • अपराध समाचार
    • खेल
    • जयपुर समाचार
    • तकनीकी
    • धार्मिक समाचार
    • पर्यावरण
    • भारत समाचार
    • भोजन & जीवनशैली
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • राजनीति
    • दुनिया की राजनीति
    • भारतीय राजनीति
    • राजस्थान समाचार
    • विज्ञान
    • विश्व समाचार
    • व्यापार
    • अर्थव्यवस्था
    • भारत व्यापार
    • विश्व व्यापार
    • शेयर बाजार
    • शिक्षा
    • सकारात्मक खबर
    • संपादकीय
    • स्वास्थ्य
  • Bookmarks
    • Customize Interests
    • My Bookmarks
Have an existing account? Sign In
Follow US
Indi Reporter || India & Beyond: Stories Shaping Our World Sites > Indi Reporter (Hindi) > Blog > राजनीति > दुनिया की राजनीति > “गजवा ए हिंद” को दर्शाने वाली फिल्म रजाकार, हैदराबाद का निजाम चाहता था, भारत बने “तुर्किस्तान”
दुनिया की राजनीतिधार्मिक समाचारमनोरंजन

“गजवा ए हिंद” को दर्शाने वाली फिल्म रजाकार, हैदराबाद का निजाम चाहता था, भारत बने “तुर्किस्तान”

Rajesh Kumawat
Last updated: April 30, 2024 3:57 pm
Rajesh Kumawat Published April 30, 2024
Share
SHARE

रज़ाकार! गजवा ए हिन्द की परिभाषा पढ़नी है तो इस फ़िल्म को देखें। इसे कई टुकड़ियों में शुरू किया गया था। निजाम हैदराबाद को तुर्किस्तान बनाने निकला था और इसके लिए अपनी सेना रज़ाकार से जेहाद शुरू करवाया और इसके मोटो में ‘क्रूरता तरीक़ा, राक्षसत्व आनंद और निजाम हथियार था,

लेखक-निर्देशक वाई सत्यनारायण ने हिम्मत करके इतिहास को चीर कर, उसमें दफ़्न हैदराबाद के दर्द को दर्शकों के सामने रखा है। ऐसे कंटेंट को सिनेमाई स्वरूप देने के लिए बहुत धैर्य चाहिए। बाकी इतिहास कतई सच बताने की स्थिति में नहीं रहा है, हैदराबाद ने हिंदुओं पर कितनी निर्ममता देखी। लेकिन बतलाने की हालत में न था, इसलिए फ़िल्म में खुलकर बताया गया है स्क्रीन प्ले में कई दृश्य इतने भयावक है कि आँखें बंद हो चली और रूह काँपने की स्थिति में थी। फिर भी सच से मुँह मोड़ना या कहे आँखें मुदना भागना कहलाता है।

छोटी बच्ची रोये नहीं, इसलिए माँ उसे देसी दारू पिला देती है तो बुजुर्ग को भूख लगी, नाले की मिट्टी खा लिया।

निजाम ने पूरा सिस्टम बैठा रखा था।
बग़ावत करने वालों के गाँव के गाँव जला दिये जाते और माँ-बहनें, बेटियों के साथ बलात्कार, हत्या की जाती। भय और ख़ौफ था कि आपने धर्म परिवर्तन कर लिया है तो सुरक्षित हो और किसी भी काफिर को मार-पीट, लूट, बलात्कार कर सकते है। कोई दखल दें तो सज़ा में सिर्फ मौत थी।

मैं कहता हूँ सत्यनारायण की फ़िल्म को द कश्मीर फ़ाइल्स प्रीक्वल के तौर पर लें। बड़े स्केल पर नरसंहार हुआ था। संयोग कहे या प्रयोग कश्मीर और हैदराबाद के मुद्दें कमोबेश एक ही टाइम लाइन पर थे, फर्क है कि घाटी में जेहाद की आग लोकतांत्रिक व्यवस्था के बाद पहुँची थी और हैदराबाद में राजशाही में निजाम खुलेआम कर रहा था।

कोमाराम भीम ने निज़ाम की खिलाफत में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ी और नारा ए तकबीर के सामने अपना उद्घोष दिया था। इन्होंने दोहरे मोर्चे पर ब्रितानी और निजाम से लड़ाई लड़ी।

अभिनेता राज अर्जुन के साथ रिजवी को देखेंगे तो नफरत करने लगेंगे, कलाकार ने अपने किरदार को इतनी गहराई से उतरने दिया है और फिर बाहर निकाला है। हाव-भाव एकदम घिनौने है। बाकी सब ठीक है।

बहुतेरे आयेंगे और कहेंगे कि नैरेटिव और प्रॉपगैंडा दिखलाती फ़िल्म है, क्योंकि उन्हें कश्मीर में भी ऐसा ही दिखा था।

स्वतंत्र भारत में घटनाक्रम को समझें।
धर्म के नाम पर देश विभाजित कर दिया गया तिस पर दूसरी रियासतों में आग लगाई गई और भारत में साजिशन ऐसा नेतृत्व चुना, जिसे खोखली नैतिकता की ढपली बजाने की ट्रेनिंग दी। विश्वास न है तो कश्मीर का मुद्दा आजतक विवादित है, जबकि सरदार ने 562 रियासतों से भारत बनाया और हैदराबाद को भी सेना के दम पर भारत में रखा। निजाम की हेकड़ी और औक़ात भी बतलाई। फिल्म के बिनाह पर समझे तो इसमें भी नैतिकता की आड़ लगाई गई लेकिन सरदार न माने और परिणाम में सफलता लेने की ठान चुके थे।

ब्रितानियों ने ऐसा षड्यंत्र रचा कि भारत को शक्तिविहीन नेतृत्व मिले, सख्त फैसले लेने वाला मिल जाता तो उनका काम खराब हो जाता। खैर

सभी ने रज़ाकार देखनी चाहिए।
इतिहास तो कभी न बताएगा, फ़िल्म बता रही है तो देखिए और सोचिए ऐसी कितनी घटनाएँ दबाई गई है।

रज़ाकार @highlight

You Might Also Like

हनुमान चलीसा का पाठ पढ़कर किया विसर्जन, निकली यत्रा

सरकार की गलत नीतियों से रोडवेज हुई बर्बाद, कर्मचारियों को नहीं मिलती पर्याप्त सुविधाएं : एम एल यादव

खंडेलवाल वैश्य समाज के उद्गम स्थल खण्डेला गांव से ” भारत रथ यात्रा ” शुरू

भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर कि जयंती, देश ने किया याद

महाराणा प्रताप सर्किट में ननिहाल नगरी पाली मरवाड़ भी होगा शामिल: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
Popular News
अपराध समाचारदुनिया की राजनीतिभारत समाचार

अयोध्या रामलाल मंदिर को बम से उड़ने की धमकी, “जैश ए मोहम्मद” का ऑडियो वायरल

Rajesh Kumawat Rajesh Kumawat June 14, 2024
नई दिल्ली NCR के 10 स्कूलों को बम से उड़ने की ईमेल के द्वारा धमकी, बच्चों को सुरक्षित घर भेज कर स्कूलों की गहन तलाशी ।
जयपुर के जंगल में “राजा” का जन्म, नन्हे राजकुमार एवं शेरनी तारा डॉक्टरों की निगरानी में
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल एवं अधिरंजन चौधरी हुए आमने-सामने, तो राहुल गांधी हुए मौन
सुबह आठ पार्षद बीजेपी में शामिल, दोपहर में कांग्रेस महापौर मुनेश गुर्जर बर्खास्त, भाजपा की कुसुम यादव महापौर नियुक्त

Categories

  • राजनीति
  • व्यापार
  • भारत
  • विश्व समाचार
  • Science
  • राजस्थान
  • अपराध समाचार
  • सकारात्मक समाचार

About US

Indi Reporter aims to be your go-to destination for staying informed about the latest developments, trends, and stories that matter most.
Quick Links
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Terms of use
Quick Links
  • Support Us
  • Join Us
  • Advertisement
  • Editorial

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

[mc4wp_form]
© Indi Reporter. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?