राजेश कुमावत, indireporter.com
दिल्ली। अंतरधार्मिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने ईरान कल्चर हाउस जाकर जताई संवेदनाभारत की विभिन्न आस्था और धार्मिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाला एक राष्ट्रीय अंतरधार्मिक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आज नई दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस पहुँचा और जनाब आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई साहब की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महार्षि भृगु पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री गुरुजी गोस्वामी सुशील गिरी जी महाराज, राष्ट्रीय संयोजक – भारतीय सर्व धर्म संसद (Indian Parliament of Interfaith Forum), नई दिल्ली ने किया। उनके साथ हाजी सैयद सलमान चिश्ती, गद्दी नशीन – दरगाह अजमेर शरीफ और चेयरमैन – चिश्ती फाउंडेशन भी उपस्थित रहे।प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख अंतरधार्मिक नेताओं मेंपरमजीत सिंह चंडोक (गुरुद्वारा बंगला साहिब),स्वामी सुरजीत सिंह आज़ाद – उपाध्यक्ष, गुरुद्वारा बंगला साहिब, योग भूषण जी महाराज, फादर सेबेस्टियन कोल्लिथानम, मनीन्द्र जैन तथा भारत की विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रतिनिधि शामिल थे।ईरान कल्चर हाउस में प्रतिनिधिमंडल ने भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के विशेष प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आधिकारिक कंडोलेंस बुक में भी अपने संदेश दर्ज किए।इस दौरान सभी धर्मों के नेताओं ने ईरान की जनता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और दिवंगत नेता के अनुयायियों के लिए सब्र, हिम्मत और शांति की प्रार्थना की। साथ ही विश्व शांति के लिए दुआ की गई और युद्ध तथा हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों सहित सभी निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा की कामना की गई।प्रतिनिधिमंडल के नेताओं ने कहा कि भारत की सदियों पुरानी अंतरधार्मिक सद्भाव और संवाद की परंपरा शांति, करुणा और राष्ट्रों के बीच आपसी सम्मान का संदेश देती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं, जिन्होंने दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक और बौद्धिक विरासत को समृद्ध किया है।अंत में प्रतिनिधिमंडल ने शांति की दुआ के साथ पूरी मानवता को न्याय, बुद्धिमत्ता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।
